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लाहौरः किर्गिस्तान के डोरडोई-डायनामो ने नेपाल के महेंद्र पुलिस क्लब को २-१ से हराकर एएफसी प्रेसिडेंट्स कप का खिताब पुनः जीत लिया है। अज़मत इशेनबाएव (८; पेनल्टी) तथा रोमन कोर्निलोव (७४) ने विजेता टीम के गोल दागे तो जुमानु राय ने नेपाली क्लब का एकमेव गोल पेनल्टी के जरिए खेल के अंतिम क्षणों में किया। डोरडोई को इसके अलावा दो और पुरस्कार भी मिले। उनके गोलकीपर वलेरी कशुबा को स्पर्धा का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी घोषित किया गया तो उनकी टीम को फेयर प्ले ट्रॉफी भी दी गई। श्रीलंका के रत्नम स्पोर्ट्स क्लब के एदिरी चन्ना छह गोलों के साथ स्पर्धा में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी बने। सेमीफायनल में रत्नम को पेनल्टी शूट-आऊट में हराने वाले डोरडोई ने खिताबी मुकाबले में दबदबा बनाया। अगर महेंद्र के गोलकीपर रितेश थापा बेहतरीन बचाव नहीं करते तो डोरडोई चार से छह गोल और कर सकता था। तलांत शमसालिएव द्वारा पेनल्टी क्षेत्र में गेंद को हाथ लगाए जाने के कारण महेंद्र ने एक गोल किया मगर तब तक काफी देर हो चुकी थी। डोरडोई को ५०,००० अमेरिकी डॉलर का पुरस्कार मिला तो महेंद्र को २५,००० अमेरिकी डॉलर दिए गए। डोरडोई के कोच बोरिस पोदकोरितोव ने महेंद्र क्लब की तारीफ करते हुए कहा - 'मुझे खुशी है कि हमने खिताब फिर से जीता मगर विपक्षी टीम ने हमें संघर्ष के लिए बाध्य किया।' 'इस स्पर्धा में टीमों ने काफी तरक्की की है और एएफसी के उभरते देशों के लिए यह स्पर्धा महत्वपूर्ण है। महेंद्र के खिलाड़ियों ने अच्छा रक्षण किया अन्यथा हम और गोल कर सकते थे।' 'मैने खिलाड़ियों को महेंद्र पर ग्रुप मुकाबलों में मिली ३-० की जीत भुलाकर फायनल पर ध्यान लगाने को कहा था और मुझे खुशी है कि उन्होने अच्छा खेल दिखाया।' महेंद्र पुलिस क्लब के कोच बिराट कृष्ण श्रेष्ठा ने मुख्य खिलाड़ियों को लगी चोट को हार का जिम्मेदार बताया। 'उनके खिलाड़ी काफी तगड़े है और उन्होने मैच पर पूरा नियंत्रण रखा।'
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