|
लाहौरः किर्गिस्तान के डोरडोई-डायनामो और नेपाल के महेंद्र पुलिस क्लब के बीच रविवार को होने वाला एएफसी प्रेसिडेंट्स कप का फायनल रोमांचक होने की उम्मीद लगाई जा रही है। एक तरफ डोरडोई-डायनामो है जो लगातार तीन साल से इस स्पर्धा के फायनल तक पहुँचा है और पिछले साल उन्होने खिताब भी जीता है तो दूसरी ओर कटिबद्ध दक्षिण एशियाई क्लब है जिसने खिताब के दावेदार तजाकिस्तान के रेगार-तदाझ को सेमीफायनल में शिकस्त दी है। इस स्पर्धा का इतिहास तो डोरडोई के पक्ष में है मगर महेंद्र को भी कम नहीं आँका जा सकता है। डोरडोई ने निश्चित तौर पर रत्नम के विरूद्ध हुए उनके सेमीफायनल से सीख हासिल की होगी जब उन्हें जीत पेनल्टी शूट-आऊट में मिली। उनके सितारा खिलाड़ी रोमन कोर्निलोव ने तातुंग के खिलाफ ग्रुप मुकाबले में चार गोल किए थे। एक स्थानापन्न खिलाड़ी की हैसियत से रत्नम के खिलाफ भी उन्होने कई अच्छे प्रयास किए थे। उनके साथ इल्दर अमिरोव की जोड़ी महेंद्र के लिए खतरनाक साबित हो सकती है। तगड़ी अग्रिम पंक्ति के अलावा डोरडोई की रक्षापंक्ति भी मजबूत है क्योंकि उन्होने अब तक सिर्फ एक गोल खाया है। महेंद्र पुलिस क्लब को कठिन राह की जानकारी है मगर उनके रमेश बुढाथोकी और जुमानु राय ने बेहतरीन खेल दिखाया है। उनके पास अच्छी रक्षापंक्ति भी है। डोरडोई के कोच बोरिस पोदकोरितोव को विश्वास है कि उनकी टीम लगातार दूसरे साल यह खिताब जीत सकती है। 'सेमीफायनल में हमें दिक्कत जरूर हुई मगर यह एक नया मैच है। मेरे खिलाड़ियों को पता है कि फायनल में उनसे क्या अपेक्षाएँ है। मैं विपक्षी टीम का भी सम्मान करता हूँ मगर हमारे पास खिताब जीतने के सारे साधन है।' महेंद्र पुलिस क्लब के कोच बिराट कृष्ण श्रेष्ठा ने कहा कि फायनल तक पहुँचने के बाद उनकी टीम पूरी जान लगा देगी। 'अब तक मेरी योजनाएँ सफल हुई है और फायनल जीतने के लिए हम कड़ा जोर लगाएँगे।'
|