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लाहौरः कम्बोडिया के खेमारा क्लब ने चीनी ताइपे को आठ क्लबों के एएफसी प्रेसिडेंट्स कप में १-० से हराकर लगातार दूसरे साल अंतिम चार में पहुँचने की अपनी उम्मीद कायम रखी है। मैच का एकमेव गोल स्ट्राइकर कौच सोकुमफीक ने १५वें सेकंड में किया जो स्पर्धा के इतिहास का सबसे तेज गोल भी था। इस गोल के बाद खेमारा ने अपनी बढ़त अंत तक कायम रखी और दो मैचों में पहली जीत हासिल की। दो मुकाबलों में से सिर्फ एक अंक हासिल करने वाले तातुंग पर स्पर्धा से बाहर होने का खतरा मंडरा रहा है। मिडफिल्डर फू-सिआंग चांग को खेमारा के गोलकीपर चानफानिन कोंग को ८२वें मिनट में पैर से मारने के कारण मैदान से बाहर कर दिया गया था मगर उसके बाद भी तातुंग ने हमले जारी रखे मगर वे कामयाब न हो सके। खेमारा के कोच कोंग पिउ ने कहा कि उनकी टीम को किस्मत से जीत मिली। 'उनके दो शॉट गोलपोस्ट से टकरा गए थे मगर पहले जो हमने गोल किया वो हमारे काम आया।' 'मुझे अपने खिलाड़ियों के खेल पर खुशी है और अब हम महेंद्र पुलिस क्लब के खिलाफ होने वाले अपने आखिरी मैच पर ध्यान लगाएँगे।' तातुंग के कोच चिआंग मू-साइ ने कहा - 'पहले ही मिनट में गोल खाने के कारण मेरे खिलाड़ी दबाव में आ गए थे और जल्दबाजी में उन्होने और गलतियाँ की।' 'अगर मेरे खिलाड़ी मिले मौकों का फायदा उठाते तो हम जीत सकते थे।'
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