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मनामाः एएफसी कप फायनल के दूसरे चरण में बहरीन के अल मुहर्रक के हाथों ४-२ से हार के बाद भी जॉर्डन के अल फैसली ने स्पर्धा का खिताब पुनः जीत लिया है। मुकाबले का पहला चरण ३-० से जीतने वाला अल फैसली ५-४ के औसत से विजयी घोषित किया गया। २८ बार के बहरीन लीग विजेता अल मुहर्रक ने अल फैसली को कड़ी चुनौती दी मगर स्थानापन्न स्ट्राइकर सिराज अल ताल द्वारा अंतिम मिनट में किए गए गोल ने उन्हें खिताब दिलाया। पिछले साल उन्होने लेबनान के अल नजमा को फायनल में ४-२ के औसत से हराया था। इस बार फायनल मुकाबले का पहला चरण ३-० से हारने के बाद मुहर्रक ने कोच एलिन्हो को बाहर का रास्ता दिखाया था और खलिफा अल झायानी को टीम की बागड़ोर सौंपी थी। इब्राहीम अल मिशखास तथा महमूद अब्दुलरहमान की निलंबन से वापसी के बाद नाइजेरिया के फताइ बाबातुंडे ने भी मुहर्रक के लिए मैदान संभाला तो अदनान हमद व्दारा प्रशिक्षित अल फैसली में मोआयाद सलिम तथा खालिद सईद की वापसी हुई। मेजबान टीम ने शुरूआत में दबाव बनाया और १८वें मिनट में अब्दुल्ला ओमर ने उनका पहला गोल किया। ईराकी डिफेंडर हैदर अब्दुलआमेर ने अल फैसली को ३५वें मिनट में बराबरी दिलाई। मध्यांतर से आठ मिनट बाद लिएंडसन डायस ने फिर अल मुहर्रक को आगे किया और इब्राहीम अल मिशखास ने ६०वें मिनट में स्कोर ३-१ किया। महमूद अब्दुलरहमान ने उसके दो मिनट बाद गोल कर औसत स्कोर ४-४ से बराबर कर दिया। सिराज अल ताल ने अल फैसली का विजयी गोल खेल के आखिरी मिनट में किया। अदनान हमद ने कहा - 'यह मैच हमारे लिए मुश्किल था मगर पहले चरण में ३-० की जीत यहाँ काम आई। मैने खिलाड़ियों को अति-आत्मविश्वास नहीं रखने को कहा था मगर ऐसा नहीं हुआ। १५ मिनट में हम तीन गोल खा बैठे थे और खिलाड़ी अपनी एकाग्रता खो चुके थे।' अल झायानी ने रक्षापंक्ति को हार का जिम्मेदार ठहराया। 'यह काफी रोमांचक मैच था और मुझे लगता है कि प्रशंसक दोनों टीमों के प्रदर्शन से खुश होंगे।'
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