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कुचिंगः किर्गिस्तान के डोरडोई-डायनामो और तजाकिस्तान के वख्श की टीमें जब एएफसी प्रेसिडेंट्स कप के फायनल में रविवार को आपस में भिड़ेंगी तो उनका उद्देश्य खिताब के अलावा अपने-अपने देशों में खेल की प्रतिष्ठा को बढ़ाना होगा। दोनों टीमें ज्यादा सालों तक इसी स्पर्धा में खेलना नहीं चाहती और एएफसी की उच्च स्पर्धा में भाग लेना चाहती है। वख्श के कोच उराज़ तुराकुलोव ने कहा - 'अगर खेल का विस्तार करना है तो यह बहुत जरूरी है। आप इन दोनों देशों की टीमों को इस स्पर्धा में अगले दस साल तक भी रखें तो फायनल इन्ही के बीच होगा।' 'तजाकिस्तान और किर्गिस्तान की टीमों के बीच पिछली बार भी फायनल खेला गया था और इस साल भी वही हाल है। इस बात का अनुमान अब आसानी से लगाया जा सकता है और यह टूर्नामेंट के लिए हानिकारक होगा।' डोरडोई-डायनामो के कोच बोरिस पोदकोरितोव ने रेलिगेशन-प्रमोशन फॉर्मेट का सुझाव दिया जिसके अनुसार एएफसी प्रेसिडेंट्स कप के फायनल में खेलने वाली टीमें अगले साल ऊँचे स्तर के एएफसी कप में खेलेंगी। एएफसी चैम्पियंस लीग एएफसी की सबसे ऊँची क्लब स्पर्धा है। 'फायनल हमेशा ऐसे ही किसी स्थान के लिए होना चाहिए। खिताब निश्चित तौर पर हमारे लिए जरूरी है मगर उससे ज्यादा महत्वपूर्ण है अपने से बेहतर टीमों से खेलना।' तजाकिस्तान फीफा की रैंकिंग में १२५वें और किर्गिस्तान १४६वें स्थान पर है। इस स्पर्धा के पहले मैच में भी दोनों टीमें आपस में खेली थी जिसमें वख्श आसानी से ३-० से विजयी रहा था। मगर खेल का कोई भी जानकार यह बता सकता है कि फायनल मुकाबले का अनुमान लगाना कठिन होता है। तुराकुलोव ने कहा - 'उस मैच में हमने अपने अवसरों का लाभ अच्छे से उठाया और हमें भी आश्चर्य हुआ था कि हम ३-० से जीते। हमने उस मैच को फायनल की रणनीति बनाते वक्त ध्यान में नहीं रखा था।' 'हमें एक अच्छी टीम से खेलना है जो तकनीकी रूप से भी बेहतर है और ऐसे समय में उन्हें कम आंकना बेवकूफी होगा।' दोनों टीमें ३-५-२ की प्रणाली इस्तेमाल करती है और तकनीकी रूप से भी एक-समान है। ऐसे में खिलाड़ियों की व्यक्तिगत योग्यता ही विजयी टीम की दिशा तय करेगी। इस मामले में डोरडोई-डायनामो थोड़ा आगे दिखाई देता है। उनके तीन खिलाड़ियों ने अब तक श्रेष्ठ खेल दिखाया है। मिडफिल्डर सर्गी निआज़ेव तथा ऐबेक बोकोएव के अलावा स्पर्धा के संयुक्त टॉप गोलस्कोरर रोमन कोर्निलोव पर उनकी निगाहें होंगी तो वख्श के मिखरोब ज़ाखुरबेकोव के अलावा गोलकीपर अस्लीद्दीन खबिबुल्लोएव ने भी शानदार खेल दिखाया है। एशियाई टीमों की तालिका में ऊँचे पायदान पर जाने के अलावा डोरडोई-डायनामो को अपनी ग्रुप मुकाबले की हार का बदला लेने की इच्छा होगी तो वख्श मध्य एशियाई टीम पर अपनी श्रेष्ठता साबित करना चाहता है। पोदकोरितोव ने कहा - 'जो टीम पिछली बार जीती थी वह इस बार हारेगी।'
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