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कुचिंगः तजाकिस्तान के एफसी वख्श ने चीनी ताइपे के तातुंग क्लब को ३-१ से शिकस्त देकर एएफसी प्रेसिडेंट्स कप के फायनल में स्थान बना लिया है जहाँ उनका मुकाबला किर्गिस्तान के डोरडोई-डायनामो से रविवार को होगा। हालाँकि स्कोर से यह जीत वख्श के लिए आसान लगती है मगर चीनी ताइपे की टीम को हराने में मध्य एशियाई टीम को काफी जोर लगाना पड़ा। अखतम खामराकुलोव द्वारा ४३वें मिनट में किए गए गोल की मदद से मध्यांतर तक वे १-० से आगे थे। पहले मैच के बाद से वख्श के प्रदर्शन में गिरावट हुई है और आज भी वे उसमें सुधार नहीं कर सके। तातुंग ने रक्षात्मक रवैया अपनाया क्योंकि वह अपने से तकनीकी रूप से बेहतर टीम के खिलाफ खेल रहे थे। उन्होने प्रत्युत्तर में आक्रमण की योजना बनाई थी मगर वह इतनी कारगर नहीं रही। पहले हाफ में तातुंग के हुआंग वेइ-यी तथा चुआंग याओ-सुंग ने आक्रमण की बागड़ोर संभाली थी मगर वे ज्यादा कुछ नहीं कर सके। तातुंग के कोच चांग मु-साइ ने कहा - 'मध्यम पंक्ति में कुछ स्तर पर अनुशासनहीनता थी क्योंकि वे स्ट्राइकर को ज्यादा मदद नहीं कर रहे थे।' तातुंग ने दूसरे हाफ में एक और खिलाड़ी को आक्रमण में लगाया और उसके नतीजतन याओ-सुंग ने ५६वें मिनट में स्पर्धा का अपना पाँचवा गोल कर स्कोर १-१ कर दिया। 'स्कोर बराबर करने के बाद मेरे खिलाड़ी अतिआत्मविश्वासी हो गए थे जिसका खामियाजा हमें भुगतना पड़ा और आखिरी दस मिनिट में तो मेरे खिलाड़ियों में जुझारू क्षमता बची ही नहीं थी।' सोहिब सावनकुलोव ने ८१वें मिनट में वख्श को फिर से आगे किया और इल्होमज़िओन ओर्तिकोव ने उसके दो मिनट बाद उनका तीसरा गोल किया। वख्श के कोच उराज़ तुराकुलोव ने कहा - 'हमें काफी अवसर मिले मगर उनका फायदा नहीं उठा सके। हमारे पास सिर्फ ११ अच्छे खिलाड़ी है और उनपर निर्भरता से प्रदर्शन पर असर पड़ता है।'
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