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| एशियाई खिलाड़ियों की चांदी |
कुआलालम्पुर: एएफसी ने पूरे महाद्वीप के खिलाड़ियों को अगले साल के एएफसी चैम्पियंस लीग में खेलने का मौका देते हुए विदेशी खिलाड़ियों के लिए 3+1 का नियम शुरू किया है।
एएफसी पेशेवर लीग तदर्थ समिति की गुरूवार को हुई आठवीं बैठक में यह तय किया गया कि एएफसी चैम्पियंस लीग में खेलने वाली प्रत्येक टीम को चार विदेशी खिलाड़ी उतारने की अनुमति होगी मगर उनमें से एक एशियाई देश का होना चाहिए।
जापान लीग में ऐसी ही प्रणाली अगले सत्र से शुरू होने वाली है और एएफसी ने अपने सदस्य संगठनों को भी इसे अपनाने की सलाह दी है।
एएफसी अध्यक्ष मोहम्मद बिन हम्माम ने कहा – “मुझे खुशी होगी कि कोई सऊदी खिलाड़ी कोरिया में और कोई कोरियाई सऊदी अरब में खेले। इस नियम को अपनाने से हम एशियाई खिलाड़ियों को अन्य एशियाई क्लबों में खेलने का मौका दे रहे है।“
एएफसी ने जापान को 2009 एएफसी चैम्पियंस लीग फायनल की मेजबानी सौपी है। जापान को स्पर्धा के प्रचार में उनकी काबिलियत के लिए चुना गया है।
अगले एएफसी चैम्पियंस लीग के लिए 14 सदस्य संगठन क्वालिफाई होते है मगर भाग लेने वाले संघों की आखिरी घोषणा समिति की 25 नवंबर को शंघाई में होने वाली बैठक के बाद की जाएगी।
एएफसी ने क्लबों को पेशेवर बनाने के उद्देश्य से स्पर्धा के मापदंड कड़े किए है।
इन 14 सदस्य संगठन में से जो अंतिम सूची में स्थान नहीं पा सकेंगे वे स्पर्धा के पूर्व प्ले ऑफ के जरिए भी स्पर्धा में प्रवेश पा सकते है।
इनके अलावा एएफसी कप के विजेता और उपविजेता भी प्ले ऑफ में खेल सकते है बशर्ते वे एएफसी के मापदंड पर खरे उतरे।
एएफसी चैम्पियंस लीग को नए सिरे से संवारने का अभियान 12 दिसंबर को जापान की राजधानी टोक्यो से शुरू होगा।
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