|
|
  |
 |
| विज़न एशिया |
 |
|
|
| विज़न एशिया की बदली रणनीति |
नाज़वी करिम
कुआलालम्पुर: एएफसी अध्यक्ष मोहम्मद बिन हम्माम द्वारा पाँच साल पहले शुरू किए गए विकास कार्यक्रम विज़न एशिया ने महाद्वीप के कई देशों में अपनी पैठ बनाई है।
इस प्रोग्राम के मूल सिद्धांत – प्रशासन, क्लब तथा स्पर्धा, ग्रासरूट्स तथा यूथ, कोच शिक्षा, रैफरी, मार्केटिंग, मीडिया, महिला फुटबॉल, फुटसल और मेडिसिन – वैसे ही बने हुए है।
हालाँकि अनुभव से एएफसी की टीम ने इसके क्रियांवयन में कुछ बदलाव जरूर किए है।
पहले सभी स्तरों पर एक साथ विकास कार्य होता था मगर अब इसे अलग-अलग चरणों में किया जा रहा है जिसमें इसे अंजाम देने वाले संघों को ठीक किया जाना प्राथमिकता में है।
बिन हम्माम ने कहा कि पिछले पाँच सालों में यह कार्यक्रम परिपक्व हुआ है।
उन्होने कहा – “इससे जुड़े लोगों के लिए यह सिखने का अनुभव रहा। विज़न एशिया का जैसे-जैसे विस्तार होता गया हमने अपनी प्रणाली को संबंधित सदस्य संगठन के अनुसार बदला और अब हम तगड़ी नींव बनाने की दिशा में ध्यान केन्द्रित कर रहे है।“
विज़न एशिया के निदेशक ब्रेंडन मेंटन का कहना है कि फुटबॉल प्रशासन का सबसे पहले अध्ययन किया जाता है। इसके बाद कोच शिक्षा, क्लब, स्पर्धा, ग्रासरूट्स तथा यूथ और रैफरियों का नंबर आता है। अन्य सिद्धांतों को जरूरत पड़ने पर लाया जाता है।
मेंटन ने कहा – “पहले एक समय इतनी बातों को एकसाथ करना काफी मुश्किल था।“
इसके अलावा इस कार्यक्रम को प्रांतीय स्तर पर विस्तारित करने का निर्णय लिया गया।
मेंटन ने आगे कहा – “राष्ट्रीय संघों के अलावा अब हम ज्यादा से ज्यादा प्रांतीय और शहरी संगठनों के साथ काम कर रहे है। हमारा मानना है कि अगर निचले स्तर पर सही ढांचा नहीं होगा तो हम राष्ट्रीय स्तर पर सफल नहीं हो सकते है।“
वर्तमान में यह प्रोजेक्ट बहरीन, बांग्लादेश, चीन, भारत, ईरान, ओमान, फिलिपींस, थाईलैंड, उज़बेकिस्तान, वियतनाम तथा नॉर्दर्न मारियाना आयलैंड में चल रहा है।
मध्य एशिया के देश किर्गिस्तान ने भी इसमें अपनी रूचि दिखाई है।
“हम ईरान और उज़बेकिस्तान जैसे विकसित फुटबॉल के देशों के साथ काम कर रहे है तो दूसरी ओर बांग्लादेश और फिलिपींस जैसे देश भी है।“
|
|
|
|
  |
|