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| एएफसी चैलेंज कप |
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| 16 मैचों में 41 गोल |
कुआलालम्पुर: आक्रामक फुटबॉल की पूरे विश्व में वापसी हुई है मगर एएफसी चैलेंज कप की टीमों ने अपने मुकाबलों में काफी सावधानी बरती है।
आठ टीमों की इस स्पर्धा में खेले गए 16 मैचों में कुल 41 गोल हुए जो प्रत्येक मैच में 2.56 गोल का अथवा हर 35 मिनट में एक गोल का औसत आता है।
हालाँकि ज्यादातर मुकाबले हैदराबाद के गाचीबावली स्टेड़ियम पर भारी बारीश और खराब मैदान पर हुए। इसके कारण तीसरे स्थान का मैच और फायनल नई दिल्ली के अम्बेड़कर स्टेड़ियम पर कराना पड़े।
ग्रुप मुकाबले में कुल 30 गोल हुए जिसमें म्यानमार और तुर्कमेनिस्तान ने छह-छह गोल किए तो विजेता भारत ने ग्रुप में चार और उसके बाद पाँच और गोल कर अपनी संख्या कुल नौ पर पहुँचाई।
पिछले साल इसी मैदान पर नेहरू कप जीतने वाले भारत की यह दूसरी बड़ी उपलब्धि है।
उत्तर कोरिया ने ग्रुप मुकाबलों में एक भी गोल नहीं खाया था मगर 2006 के विजेता तजाकिस्तान ने उन्हें सेमीफायनल में 1-0 से हराया।
अफगानिस्तान ने अपने तीन ग्रुप मुकाबलों में दस गोल खाए और वे एक भी गोल करने में सफल नहीं हुए। 2006 के उपविजेता श्रीलंका ने नौ गोल खाए और सिर्फ एक गोल किया।
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