|
|

|
 |
| एएफसी चैलेंज कप |
 |
|
|
| एएफसी चैलेंज कप का उद्देश्य पूर्ण |
कुआलाल्म्पुर: एशिया के उभरते देशों को एक अंतरराष्ट्रीय मंच उपलब्ध कराने के लिए आयोजित एएफसी चैलेंज कप के उद्देश्य सफल हो गए है।
इस स्पर्धा के माध्यम से न सिर्फ भारत 1984 के बाद पहली बार एएफसी एशियन कप के लिए क्वालिफाई हुआ है बल्कि विश्व के दूसरे सबसे घनी आबादी वाले देश में फुटबॉल का पुनर्जन्म हो गया है।
एएफसी शुरूआत से ही भारत में खेल के विकास को महत्व देता रहा है और उनकी एएफसी चैलेंज कप में जीत विज़न एशिया की प्रणाली को भी दर्शाती है।
स्पर्धा के पिछले संस्करण में जीत हासिल कर तज्आकिस्तान ने फीफा वर्ल्ड रैंकिंग में छलांग लगाई थी और वर्तमान में 153वें स्थान पर चल रही बॉब हॉटन की भारतीय टीम भी छलांग लगाएगी।
इस स्पर्धा से म्यामनार, नेपाल और श्रीलंका जैसी छोटी टीमों की प्रतिभा भी देखने को मिली।
भारत की जीत पर एएफसी अध्यक्ष मोहम्मद बिन हम्माम ने भी खुशी जाहीर की है।
उन्होने कहा – “एएफसी चैलेंज कप जीतने पर भारत को बधाई।“
“भारत में इस खेल में ऊँचाई पर जाने की कई संभावनाएँ है और मुझे खुशी है कि उन्होने इस स्पर्धा से अपनी प्रतिभा दिखाई है।“
“एएफसी चैलेंज कप एएफसी के दूसरे दर्जे की टीमों को खिताब जीतने का अवसर देने के लिए शुरू किया गया था और भारत को एक बार फिर अपने आप को साबित करने का मौका 2011 के एशियन कप में मिलेगा।“
एएफसी एशियन कप में अभी दो साल से ज्यादा समय शेष है और यह वक्त ही बताएगा कि यह जीत भारत को अपनी खोई प्रतिष्ठा पुन: पाने में कितनी मददगार साबित होती है।
|
|
|
|
  |
|